SIP के मुख्य बिंदु
1. नियमित निवेश:
SIP में आप हर महीने (या हफ्ते) एक तय राशि निवेश करते हैं, जैसे ₹500 या ₹1000।
2. छोटी राशि से शुरुआत:
आप केवल ₹500 से भी SIP शुरू कर सकते हैं। बड़े अमाउंट की जरूरत नहीं।
3. लंबे समय में बड़ा फंड:
लगातार निवेश से समय के साथ आपका पैसा बढ़ता है और आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
4. रुपये की लागत औसत (Rupee Cost Averaging):
जब मार्केट नीचे होता है तो ज्यादा यूनिट मिलती हैं, और जब ऊपर होता है तो कम — इससे औसतन आपको फायदेमंद रेट पर यूनिट मिलती हैं।
5. Power of Compounding:
SIP में जमा की गई राशि पर जब ब्याज मिलता है और उस ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता है, तो वह बड़ा फंड बनता है।
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